बैरागी

बैरागी सी हुई घूम रही
इश्क़ का फितूर मुझपर चढ़ा दो।।
घुल जाऊंगी हर रंग में साहेब
बस मेरे महबूब को पास बुला दो।।

-अदिति पाठक

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very well penned… :clap:

Bhoot hi badhiya likha hai

nice post @Adity_Pathak