कहानी लिख दूं

जो तू सुनना चाहे तो एक कहानी लिख दूं
न कर ऐतराज़ तो आज मनमानी लिख दूं
हूं अंजान जिससे उसे भी मुंह जबानी लिख दूं
न हो सच तो न सही, बस तू हो मैं हूं ऐसी ज़िन्दगानी लिख दूं
जो तू सुनना चाहे तो एक कहानी लिख दूं

-588_78826

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Nice

Wah. :heart:

Bhut khoob।

Superb

bahut khoob dost