मां पिता ही जीवन हैं

वो जो तुम्हें दुनिया से बचाता है
खुद कैसा भी हो, तुम्हे हर सुख से मिलाता है
लिखना पढ़ना चलना सिखाता है
ग़लत सही में करना फ़र्क बताता है
अपनी छत्रछाया में नित जीने के ढंग सिखाता है
तुम सोये रहो इसलिए रात रात भर खुद को जगाता है
पढ़ा लिखा कर तुम्हे हर काबिल बनाता है
तुम जिसे कम आंकते हो भविष्य का तुम्हारे वही निर्माता है
सिर्फ एक वही है जो तुम्हारा साथ निःस्वर्थ निभाता है
खुद से ज़्यादा तुम्हे सफल देख एक वही हर्षाता है
तुम्हारी आकांक्षाएं बढ़ जाती है और वो थक जाता तब भी तुम्हारे साथ हर एक कदम मिलाता है
तुम चले जाते हो कहीं जब और कामयाबी पाने उससे दूर तब वो होली दीवाली के बहाने तुम्हारी राह निहारता है
तुम्हारी सफलताओं में वो अपनी जीवन रूपी पूंजी लगाता है
अपनी जवानी तुमपर लुटा कर वो अपने बुढ़ापे में सिर्फ तुमसे चार पल चाहता है
अब तो उसकी होली दीवाली भी पांच साल में एक बार आती है, मगर आज भी तुम्हे क्या पसंद था उसी की लिस्ट बनाता है
तुम सोए रहते हो अपनी रात में और वो अपनी रात तुम्हारे फोन के इंतज़ार में बिताता है
माना कुछ देशान्तर हैं बीच में पर आंखें बूढ़ी हो गई हैं उसकी वो समय देखना भूल जाता है
इन सब बातों से भी नहीं टूटा है वो मगर तुम जब चिल्ला देते हो मात्र उसके गलत समय फोन करने पर तब वो कांप जाता है
हर किसी को इतना पीछे छोड़ गये हो तुम कि आज तुम्हारा चेहरा देखने को भी वो तरस जाता है
उसने तो नहीं सिखाया था ये सब तुमको इस बात का जवाब उसे कोई नहीं दे पाता है और यही सोचते सोचते वो एक दिन मर जाता है
वो जो तुम्हें दुनिया से बचाता है

-588_78826

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Bohot khoob likha hai…

Wah
@shabdagaar
:heartpulse::heartpulse::heartpulse::upside_down_face:

Take love. :heart::heart:

Sundar :heart: :cherry_blossom: