दीदार-ए-इश्क़

अपनी आँखों से तेरा दीदार कर के,
खुद के दिन को गुलजार कर के,
सोचता हूँ कह दूँ कि,
इश्क़ नहीं है तुमसे,
पर तुझे देख हर बार,
लौट आता हूँ इश्क़ का इशहार कर के…
:heart: :heart: :heart:
(PC: Tripti Singh)

-Adamya Tripathi

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Beautiful :blue_heart:

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Ty very much for appreciating my work…