एक लम्हे को।

मैं वो लम्हा भूल नहीं पाता,
हर वक्त जहन के,
किसी कोने में छाया रहता।
जब वो अचानक मुझसे टकराई थी,
फिर घबराई थी,
हड़बड़ाहट में अपना मोबाइल छोड़ निकल आई थी,
मैं भी कहीं खो गया था,
ख्यालों में उसे कुछ कह नहीं पाया,
जब होश आया,
तो उसका मोबाइल देख मुस्कराया।
उस लम्हे में जो बिजली कौंधी,
दिल‌ के आर-पार हो गई।
उस लम्हे को आज भी याद करता हूं,
तो उपर वाले का शुक्रिया अदा करता हूं,
तुमने हमें भी ऐसा मौका दिया,
जिसने जी जान हिला कर रख दिया।

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Nicely written @Anil_Jaswal
Loved it

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