🤔सपना था! वो अपना नहीं🤔

:thinking:सपना था! वो अपना नहीं:thinking:

सपना था! वो अपना नहीं…
ए बात क्यों? नहीं हम समझें थे!!

रैना बीती भोर भई, निंद्रा टूटी टूटा सपना
तब हम जा कर होश में आए!
सपना था! वो अपना नहीं…
ए बात क्यों? नहीं हम समझें थे!!

होश नहीं था! गहरे स्वप्न में खोए थे!
भ्रम था कि वो सत्यता थी! पर,
वो सपना था! अपना नहीं…
ए बात क्यों? नहीं हम समझें थे!!

खोए थे! हम सपनों कि दुनियाँ में,
एक छ्ण में निद्रा भंग हुई!
उजड़ गई सपनों कि दुनियाँ भी क्योंकि,
वो सपना था! अपना नहीं…
ए बात क्यों? नहीं हम समझें थे!
:writing_hand:js Gurjar

3 Likes