निगाहें।

निगाहें अगर हो खूबसूरत,
तो जिंदगी बन जाती जन्नत,
हर बात शुरू होती निगाहों से,
अगर निगाहें देख लें सच,
आसान हो जाता निर्णय,
अगर सच देखने में हो जाएं असमर्थ,
फिर मुश्किल में आ जाते सब।
इश्क की शुरुआत,
निगाहों की ही बात,
जैसे कोई हसीना सामने आती,
सबसे पहले निगाहों से टकराती,
तो ऐसा नशा चढ़ता,
जिंदगी भर कायम रहता,
और वो फिर दिल में उतर जाती,
ख्बाबों का शुरू हो जाता दौर,
उससे मिलने को दिल करता मजबूर,
और अगर बात बन जाती,
तो ऐसी खुशी बयां करना कठिन हो पाती।
फिर बंदा उसके उपर कविता गढ़ता,
उसके हुस्न के चर्चे करता,
उसको तरहां तरहां की उपमाएं देता,
और उसको दुनिया में सबसे खुबसूरत समझता,
ये सब निगाहों का जादू बोलता।

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