मेरे ख्वाहिश में हो तुम पर

मेरे हर ख्वाहिश में हो तुम
पर अफसोस इस बात का है कि
तुम मेरे ख्वाहिश में ही हो
पर बात ये भी है कि
मैंने तुम्हे ऐसे ढूंढा जैसे
रेगिस्तान में पानी की तरह
दिन में दिखते तारे की तरह
नींद में आते ख्वाबों की तरह

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