कोरे काग़ज़ पे

कोरे काग़ज़ पे लिखती…
बीते ख़्वाब मैं अपने।।।

जो बया नहीं करती…
मैं जज़्बात अपने।।।।

दुनिया के ज़ालिम लोगों से…
बचा के रखती मैं अल्फ़ाज़ अपने।।।।

कोई अपना सा मिल जाए बस…
एसी दुनिया में रखना चाहू मैं क़दम अपने।।

Crooked_dimple
Aditi

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bahut khoob dost @Crookeddimple
very interesting

Bahut bhadhia

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