परीक्षा पास करना भी रणनीति।

जैसे ही मार्च पहुंचा,
परीक्षाओं ने धर दबोचा,
घर बाहर,
दोस्त रिश्तेदार,
परीक्षाओं का ही समाचार।
कोई बोले,
मैंने सारा पाठ्यक्रम दोहरा दिया,
बस प्रश्नपत्र का इंतजार,
देखो कैसे सबको पछाड़ता हूं अब की बार,
बोर्ड और युनिवर्सिटी में इतिहास बना दूंगा,
अगर सब ठीक-ठाक रहा,
तो कभी न छोडूंगा।
दुसरा बेचारा,
घबराया,
तनाव में इजाफा आया,
मेरा तो अभी बहुत कुछ,
वैसे का वैसा,
अगर नहीं कर पाया सही,
तो पिता जी की डांट पकी,
मां से हो जाएगी कटी,
भाई भी दिखाएगा गुस्सा,
पड़ेगा हर किसी से मुंह छिपाना।
बेचारा घुमना छोड़,
भागा घर,
ले किताब,
बैठ गया तुरंत।
दिमाग में आया,
अभी तो है पहला चैप्टर,
इसके हैं दस,
अरे बाप रे,
समय है कम,
बस दिमाग घुमा,
सबको लग गया चुना।
घबराया घबराया,
किसी समझदार के पास आया,
और अपना हाल बताया।
उसने‌ दी एक सलाह,
अरे भई! क्यो‌ पुरा पढ़ने‌ के चक्कर में पड़ता,
अगर 70% भी करेगा ठीक से,
तो पास हो जाएगा आराम से।
लेकिन इतना जरूर करना,
इसमें से कुछ मत छोड़ना,
जहां ‌‌‌‌से भी डाला जाए,
तुम्हारे हाथ‌ से बचने न पाए।
ये सुनकर,
मन हुआ‌ हल्का,
बंदा डट गया।
जैसे ही आया प्रश्नपत्र,
सवाल करने‌ थे पचीस,
उसको आते थे पंद्रह,
लेकिन आते थे ऐसे,
बस किताब में थे जैसे।
तुरंत दिया चेप,
हंसता हुआ चेहरा,
लेकर आया घर।

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Relatable…
Well Penned.:blush::sweat_smile:

Thanks.