क़ाबिल... _

तुझे सोचा तो बहुत,
पर कभी लिख ना सका…
तेरी तारीफ़ के क़ाबिल,
मेरे अल्फ़ाज़ कहाँ…
सोचा कि,
अब न लिखूं तेरे बारे में…
क्योंकि,
फ़नाह हो जाता हूं मैं,
याद तेरी आ जाती है जहाँ…

-अदम्य त्रिपाठी
-Adamya Tripathi
ادمیہ ترپاٹھی-

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ati uttam
ati sundar
gazab
:clap: :clap: :clap:

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Ty @Ravi_Vashisth… Ji… :heart:

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