सोचती हो क्या...?

तुम आज भी मेरे बारे में सोचती हो क्या…?
मोबाइल पे नोटिफिकेशन आने पर,
मेरा चैट रूम खोलती हो क्या…?
मैं तो कोसता हूँ खुद को,
कि क्यों की मैंने प्यार करने की गलती,
तुम भी अपनी गलती पर,
मुझे ही कोसती हो क्या…?
रातें, बातें, यादें, वादें,
सब मुझे झुंझला जाते हैं,
तुम भी याद कर के झुंझला जाती हो क्या…?

4 Likes

content is good and rhyme can be improved a bit, but allover nice post :ok_hand:

1 Like

Ty ravi जी working on this content…

1 Like

Nice one :blue_heart::blossom:

1 Like