सच मे भुला दोगे...?

आखों मै आखें डाल कर वो पुछ ही बेठे,
क्या सच मे भुला दोगे …

एक तस्वीर रखी हे मेनें तुमहारी
क्या सच मे तुम जला दोगे…

वक्त नहीं मिलता तुम्हे एक पल का!!
क्या ख्वाबो मे भी आना छोड दोगे…

आज तो छोड दोगे शमशान तक,
क्या कल…
सच मे भुला दोगे…?
:india:
-axy

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are wah… chahe wo bhula de pr ye poem na bhulai jayegi… :slight_smile:

wah kafi accha likha hai apne

@Wordsbyritti is back again, with her words too now.
Nice post yaar