एकता की कहानी

किसी ने पत्तो से कहा अपनों से अलग हो
जाओगे तो खुली आसमां में उड़ने लगोगे
ये अपने ही है जो तुम्हे उड़ने से रोक रहे है
ये तुम्हे अपनों में ही बांध के रख रहे है

ये सुन कर पत्ता अपनों से अलग हो गया और
कुछ समय के लिए खुली आसमां में उड़ा भी पर
हमेशा हमेशा के लिए जमी पे गिर गया और
धीरे धीरे मुरझाकर मर भी गया

दूसरे हमे अपनों से अलग करके हमे
मुरझाने के लिए छोड़ जाते है
इसीलिए हमें अपनों से कभी
अलग नहीं होना चाहिए

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bohot khoob… :slight_smile:

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Thank you sir

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brother, awesome :ok_hand: :ok_hand: :ok_hand:

@Shagufta, @Adamya_Tripathi, @Jupiter416, @unknown_soul
your views ? :slightly_smiling_face:

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Thank you Ravi sir for compliment

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Superb​:open_hands::love_you_gesture::metal: @Bickey_Mandal जी
शायद इसीलिए कहा गया है, परिवार के जैसा प्यार कोई भी व्यक्ति नहीं कर सकता…
किसी और का सुनकर अपने परिवार से दूर ना हो…

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Well penned.

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Thank you @Adamya_Tripathi and @wordsbyritti

@Shagufta thank you for the compliment

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Such great concept. :heart:

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Thank you @unknown_soul

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