नशा तेरी आंखो का

तेरे चेहरे में अक्ष है उस ख़ुदा के नूर का
ये करामात भी उसकी निराली है
एक तो मुहब्बत में पागल हूं तेरी
उसपे ये आँखे भी तेरी नशे की प्याली है

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