मेरा प्यार कुछ ऐसा है

*ेरा प्यार कुछ ऐसा है

तेरी मुस्कान पर मरता है और
तेरी आँखों से बहने वाले आंसू से बग़ावत भी करता है

दिखावा नही आता इसे
पर ये तेरी परवा करता है
मुझ से ज़्यादा तू मुझ में रहता है ,

कैसे खुश तुझे रखु नही पता
पर तेरे लबो पे है चाहता है ,

ज़माने की भीड़ में नही
ये तुम्हें तन्हाई में मिलेगा
नज़रो से नही देख पाओगी
दिल का इस्तेमाल करना पड़ेगा

अब क्या कर
मेरा प्यार ही कुछ ऐसा है ।

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nice post friend
good try
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