मेरी आरजू थी

मेरी आरजू थी उसको पाने की उसे अपने दिल में बसाने की
उसकी हर खुशी को बढ़ाने की उसे अपने दिल में सजाने की
ये नहीं है एक तरफ़ा इश्क़ बात है ये उसको बताने की
उसको है मुहब्बत मुझसे फिर भी बात करती है मुझे रुलाने की

7 Likes

Nice post @Mohammad_Tayab. :slightly_smiling_face: