नहीं हो सकता कोई इत्तेफ़ाक

उस लड़की के अल्फाज़ आज भी मुझे क्यूं सताते हैं
मुझको अकेले में भी उसकी ही याद क्यूं दिलाते हैं
ये नहीं हो सकता कोई इत्तेफ़ाक मेरे मुजाहिद
क्यूंकि उसकी आँखों के इशारे आज भी याद आते हैं

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waah :cherry_blossom: