मेरी माँ का आँचल

मेरी माँ के आंचल में बस्ती है दुनिया मेरी
ये बात उसको समझ में नहीं आती
वो करती प्यार बहुत है पर कभी नहीं जताती
इक लड़की की मुहब्बत के लिए छोड़ दूं कैसे
मेरी माँ है एक और मैं भी नहीं हूं खैराती
उसको जाना है तो जाये
मुझको मेरी माँ का आँचल प्यारा है
मैं करता हूं मुहब्बत मेरी माँ से
क्यूँकी वो सब जानते हुए भी
मुझ पर कभी गुस्सा भी नहीं दिखाती
मेरी माँ के आँचल में बस्ती है दुनिया मेरी
ये बात उसको समझ में नहीं आती

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