तेरी सूरत को दिल ने सजाया है

देखकर तुमको ना जाने दिल क्यूं ये धङका है
तेरी मासूमियत देख जाने दिल क्यूं ये तड़पा है
लगता है मुहब्बत का ख़ुमार दिल में छाया है
इसलिये दिल ने तेरी सूरत को सीने में सजाया है

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