रब ने बनाया

हमको आता ही नहीं है ए रब
मुहब्बत को अल्फाजों में यूं बयां करना
क्या करें आपने बनाया ही ऐसा है
अब उस चेहरे को देखकर जी रहे हैं हम

2 Likes