कोई ख़ता

हो जाये ग़र कोई ख़ता मेरे दिल ए नादां से
तो माफ़ कर दीजिएगा ए सनम
सच्ची मुहब्बत में ही अक्सर
कुछ गलतियाँ हो जाया करती हैं

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