इंसानियत

चलाकर तीर सब को लड़ाया जा रहा है ।।
लगातार अपने ही अपनों को भिड़ाया जा रहा है ।।

अफवाहों में आज भाईयो को हत्थे चढ़ाया जा रहा है।।
समझ के नासमझ को गलत पाठ पढ़ाया जा रहा है।।

दिलाकर भरोसा इंसानियत को जलाया जा रहा है।।
हिन्दू मुस्लिम का ज़हर लोगो को पिलाया जा रहा है ।।
मिश्रा जी ©

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Bohot khoob…:metal: