फ़ितरत इन्सान की

वक्त के आज़माने से क़िस्मत नहीं बदलती
बुराई या अच्छाई से सोहबत नहीं बदलती
बदलने को तो हर इन्सान बदल जाये
पर फ़ितरत हर इन्सान की नहीं बदलती

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Nicely written. :relieved:

Incredible!

Thank you mam

Thank you sir

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