सिखाया जा रहा है।

समंदर को सिखाया जा रहा है, कि बहना कैसे है।
लहरों को सिखाया जा रहा है, कि मचलना कैसे है।
हवा को बताया जा रहा है, कि किस ओर हो उनका रुख,
तिरंगे को सिखाया जा रहा है, उसे फरहना कैसे है।
शब्दों पर लगाम हमारे लगा रहे है, ये लोग,
शायर को सिखाया जा रहा है, कि लिखना कैसे है।
कोशिशों की सेज पर टूट रहे है, सभी के सपने और
सपनों को सिखाया जा रहा है, बिखरना कैसे है।
बेवकूफ़ों वाली सारी की सारी हरकतें हो गयी है, इनकी
मरने वाले को सिखाया जा रहा है कि मरना कैसे है।
तूफानों की भी अब ये तय करने लगे रफ्तार,
बदलो को सिखाया जा रहा है बरसाना कैसे है।
मेरी रवानगी से हर्ज़ होने लगी है इनको,
राहगुज़र को सीखाया जा रहा है चलना कैसे है।

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Bhut khoob​:two_hearts::blossom::cherry_blossom:

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Pasnd aaya aaapko thnxx :heart_eyes: