निगाह ए ज़ुबां

क़यामत की रात है मुहब्बत भी जवां होगी
हसरतें भी निगाह-ए-जुबां के साथ होगीं
ये बता दीजियेगा कोई उनको भी जाकर कि
उठेगा जनाज़ा जिस रोज उनकी बारात होगी

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Amazing Effort!