जश्न ए ज़िंदगी से डरे हुए हैं

हम भी हालात ए इश्क़ से इस कदर हारे हुए हैं
अब तो चैन ओ ग़म भी जिंदगी में भरे हुए हैं
ना हमको सोने की फ़िक्र ना जागने का होश
अब तो जश्न ए जिंदगी से भी हम डरे हुए हैं

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