नया साल, नये मक़ाम।

समय किसी का नहीं करता इंतजार,
अपनी रफ़्तार से बढ़ता लगातार,
इसी तरह चला गया 2019,
हम कुछ हासिल कर पाये,
कहीं पर चूके।
अब आया 2020,
नया साल,
नया मक़ाम,
नये रास्ते,
नये ढ़ंग,
नये क्षितीज।
ऐसा है करतें,
भुलाते पुराने गिले शिकवे,
फिर से गले मिलते,
एक दुसरे का हाथ पकड़ते,
एक जुट होते,
और नये यूग के निर्माण में डटते।
पहले एक एजेंडा बनाते,
उसमें सबसे पहले करने वाला काम,
सबसे पहले लिखते,
और उसे अपने मोबाइल का बाल पेपर बनाते,
जिससे हम इरादे से न चुंकें,
जब भी मोबाइल उठाएं,
आपको अपना इरादा याद आए।
हर शनिवार जांच पड़ताल करते,
और ये देखते,
हम इरादे पे कहां पहुंचे।
फिर सोमवार इकट्ठा होते,
आपस में संवाद करते,
कोई कमी पेशी हो,
तो निकालते,
फिर से योजना बनाते,
और आगे बढ़ते।
ये सिलसिला,
तब तक चलता,
जब तक हमारा लक्ष्य पूर्ण नहीं होता।

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How Thoughtful Of You! :slightly_smiling_face:

शुक्रिया।

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Have a great year ahead. :heart:

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