इक ख्वाब

जब से देखा है तुझे , ख्वाब कोई ओर देखना छोड़ दिया
सुकून भरी राते अब गुजरती नहीं , ओर नींद ने आना छोड़ दिया

साथ किसी ओर का अब अच्छा नहीं लगता , मैने खुद को तन्हा छोड़ दिया
लिखा है जब से तेरा नाम हथेली पर , मैने लोगो से हाथ मिलाना छोड़ दिया

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Haaye, kya bat hai. :heart_eyes:

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