कुछ और है।

जरिया ढूढ़कर रिश्ते बनाना कुछ और है,
किताबें थामकर मन बहलाना कुछ और है।
नींद को छीनकर बैठे कोई अनजान सा,
खुली आँखों में फिर सपने सजाना कुछ और है।

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Wah. :heart:

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Umda… :heart::heart_eyes:

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irshaad!