ज़िंदगी में आगे बढ़ रहे है।।

लड़ रहे है, मर रहे है
लोग ज़िंदगी में आगे बढ़ रहे हैं।।

जिसके साथ बैठकर खीर खाते थे
आज उसी के खून के प्यासे बन रहे है।।

जिसके साथ दोस्ती की कसमे खाते थे
आज उसी को मारने की बाते कर रहे हैं।।

जब हम जब भाईचारे के साथ रह रहे है
फिर क्यों एक दूसरे की तरक्की से इतना जल रहे है।।

बचपन में सुना था हम सब एक है
सबके खून का रंग होता लाल है।।

पर अब बचपन की बातों पर होता अब सवाल है
क्योंकि आजकल मज़हब पे ही हो रहा बवाल है।।

ना जाने आगे कैसा दौर आएगा कैसे रिश्ते बनेंगे
क्या लोग इंसानियत पे भी बाते कभी किया करेंगे।।

सबको रहना चाहिए साथ और अमन के साथ लेकिन
लोग लड़ रहे है मर रहे है
और ज़िंदगी में आगे बढ़ रहे है।।

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Beautiful. :black_heart:
Keep writing, dear. :black_heart:

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Thank you​:blush::blush:

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Welcome back @Manohar_Mishra
your return with such an interesting post is really enjoying
keep writing and sharing :slightly_smiling_face:

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आश्चर्यजनक

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