आज का इश्क़

कभी परवाह ही नहीं कभी सर पर ये सवार है

कभी चढ़े परवाज़ ये कभी पड़ा जैसे कोई बीमार है

ग़ालिब भी होता परेशान बड़ा हाल देखकर आज का
ये दस्तूर बन गया है क्या भला ये इश्क़ है या बुखार है

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Very sensy…

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@TALIB_ahmed sorry i didn’t understand

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Pack of emotions = sensy

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@TALIB_ahmed ohh okay sir, thank you very much

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