एक लम्हा बिन तेरे

और फिर वही एक शाम याद आई मुझे
तेरी जुल्फे, तेरी आँखें, तेरी बाते, तेरी ख़ुश्बू

और फिर असर रहा रात भर उस मुलाकात का
वो बरसात में भीगा बदन तेरा, वो सिसकते लब् तेरे

और फिर वही सब मेरी , तेरे बिन
उदासि मेरी, गम मेरे, दर्द मेरा , तेरे बिन

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Khoob kaha…