मोबाइल से खटपट।

अगर पूछो सच्चा दोस्त,
मोबाइल के बिना नहीं कोई और,
ये हरवक्त कहना मानता,
हर मुश्किल में भी आपका बना रहता,
अगर है स्मार्ट फोन,
जैसा बोलो,
वैसा करदे वेरोकटोक,
जितना भी चलाओ,
विश्वास पात्र नौकर की तरहां,
तैयार पाओ,
आपके हर सवाल का जबाव,
ढूंढके लाना इसका काम,
नहीं आपको कष्ट उठाने देता,
आपका तय दिल से ख्याल रखता।
अगर रास्ता भूल जाओ,
तो आपका मार्गदर्शन करता,
अगर हिसाब हो लगाना,
तो ये तुरंत हिसाब लगा देता,
अगर किसी वक्त करना हो जरूरी काम,
तो ये आपको याद दिला देता,
जब चाहे देखो समय,
घड़ी का काम देता,
अगर करनी हो खरीददारी,
घर बैठे बैठे बाज़ार दिखा दे सारी,
अगर करना चाहते बात,
सामने बैठने के एहसास के साथ,
तो वीडियो काल से करदे सारा इंतजाम,
अगर चाहिए कोई भी जानकारी,
गुगल से बड़ा नहीं कोई भारी,
अगर करना हो पैसे का लेन-देन,
तो ये बैंक से भी आगे,
चीट्ठी पत्र को भी दिया बदल,
जीमेल बना विकल्प,
रेडियो, टीवी को भी पछाड़ा,
इसने ये काम भी संभाला,
मुझे लगता ये अनंत है,
सबसे अच्छा हमदम है।
परंतु है एक समस्या,
अगर कभी ये न दे जबाव,
तो इंसान हो गया बेकार।
अगर कोई ऐतिहासिक खोज,
मोबाइल ही है बेशक,
मैं तो इसको बोलूं अंतर्यामी,
कोई चीज नहीं,
जो इससे बच पाती।

3 Likes