कैसा ये इश्क़ हैं

दवा अगर ये है, तो मर्ज भी है ये इश्क़,
रूहानी अगर एहसास है, तो दर्द भी है ये इश्क़,

संग अगर मुस्कान हैं, तो जुदाई में गम भी है ये इश्क़,
पहचान अगर ख़ुबसूरत है, तो बदनाम सा गुमनाम भी है ये इश्क़,

किसी का अधूरा ख़्वाब अगर है, तो किसी की हकीक़त है ये इश्क़,
कभी दुल्हन के लिबास सा अगर है, तो कभी सफेद चादर सा भी है ये इश्क़!!
:writing_hand: इन्द्र सिंह

3 Likes

Ji. :heart:

1 Like

जी बहुत शुक्रिया आपका :hugs::hugs::heartpulse:

1 Like