दिली तम्मना कहो या कुछ ख्याल उनके

थाम कर कलाई तेरी,
रुख अपनी तरफ तेरा में मोड़ लू…

जकड़ कर बाहों में कुछ ऐसे मैं तुझे अपनी,
तेरे माथे को पल भर में चुम लू…

करदूँ अपनी हर खुशियाँ नाम तुम्हारे,
पल भर में तेरी सारी दुःख तकलीफों का हाथ थाम लू…

खुश रहे तू सदा, खुशियों की बरसात रहे
मैं रहु या ना रहु, बस मुस्कुराहट तेरे साथ रहे…

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:innocent:

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