तेरी ‘आसो’ में शायद मै रहूँ या न रहूँ, पर तेरी सांसों में हर वक्त मेरा नाम रहे।।

तेरी ‘आसो’ में शायद मै रहूँ या न रहूँ,
पर तेरी सांसों में हर वक्त मेरा नाम रहे।।
किरणों के संग मिलो हर सुबह की यादों में,
हर शाम चांदनी के जैसे इंतज़ार रहे।।
पा लिया हमने मुक़द्दर में भी जो था न मेरे,
बस यही सोचकर चेहरे पर इक मुस्कान रहे।।
भटक जाये जो ‘बजरंग’ राह तेरी गलियों में,
नजऱ झुके न कभी, बस दुआ सलाम रहे।।

-Bajrang Prasad

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Waah!! Great work

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Great. :heart:
Welcome to YoAlfaaz. :heart:

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great start friend @Bajrang
and
welcome to YoAlfaaz family
Keep writing and sharing