अधूरी मोहब्बत

अधूरी हैं अगर मोहब्बत,
तो मौत उसका साहिल नही,

है ये एक ऐसी मंजिल,
जो हर किसी को हासिल नही,

इश्क़ का रुतबा है बहुत नायाब,
हर कोई शख्स इसको समझा नही,

किस्से बहुत है इश्क़ में मौत के,
लेकिन किस्सों के अलावा उनका कोई वजूद नही,

मैंने भी किया था इश्क़ कभी रब की इबादत की तरह,
लेकिन हासिल होता है इश्क़ जिन लकीरों से, वो हाथ में मेरे थी ही नही!!

:writing_hand:
ⒸInder Singh

3 Likes

बहुत बहुत शुक्रिया आपका :hugs::hugs::heartpulse::heartpulse:

2 Likes