जख्म और रकम

जख्म वो कुछ दे गया सादगी से…
और रकम हम चुकाते रह गए दिल्लगी कर।
वो सौदेबाजी का खुदको राजा समझता था…
और मुझे शायद उसने एक प्यादा समझ लिया।
बेवक़्त,
बेवजह ही हमे हुई मोहबत थी…
शायद उसे एकतरफा मोहबत कहते है।
मैं अनजान थी इन कलाकारीयो से,
इसिलिय दिल का टूट जाना एक सबक बन गया था।।
~Ritti

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Bilkul durusat farmaya dost :clap: :clap: :clap: :heartpulse:

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Shukriya :kissing_heart::yellow_heart:

nice…:+1::blush:

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Dhanyawad jii

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