चलो आज

चलो आज मेरे हर ज़ख्मों का हिसाब करती हूं ,
चलो तुम्हारी की गई गलतियों का इनाम देती हूं ;
चलो आज फिर तुम्हें मैं माफ़ करती हूं ।

चलो तुम्हारे दिए हर आंसुओं के बदले
तुम्हें मुस्कान देती हूं ,
चलो तुम्हारी दी हर नफ़रत के बदले
तुम्हें प्यार देती हूं ,
चलो आज मेरे हर ज़ख्मों का हिसाब करती हूं
चलो आज फिर तुम्हें मैं माफ़ करती हूं ।।

चलो तुम्हारे दिए हर धोखे के बदले
तुम्हें मोहब्बत देती हूं,
चलो तुम्हारी दी हर चोट के बदले
तुम्हें मरहम देती हूं,
चलो आज मेरे हर ज़ख्मों का हिसाब करती हूं
चलो आज फिर तुम्हें मैं माफ़ करती हूं ।।

चलो तुम्हारे यूं बीच राह में छोड़ जाने के बदले
उम्र भर का साथ देती हूं ,
चलो तुम्हारे दिए हर दर्द के बदले
मेरी सारी खुशियां तुम्हारे नाम करती हूं,
चलो आज मेरे हर ज़ख्मों का हिसाब करती हूं
चलो आज फिर तुम्हें मैं माफ़ करती हूं ।।

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@Pj_poonamjain, behtareen tareeke se ehsaaso ki mala jodi he. Lafzo ko bakhoobi syahi me utara he.

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nice efforts friend @Pj_poonamjain :slightly_smiling_face::slightly_smiling_face:

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Bohot khub!

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bohot khoob…:+1:
Keep writing :slight_smile:

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Thanks @Shagufta :hugs:

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Thanks @Ravi_Vashisth🤗

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Thanks @axy🤗

Thanks @parmesh_chavan🤗

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Relatable…
Damn impressive…

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:innocent::innocent: @Wordsbyritti