एक ख़्वाब

जाम-ऐ-शराब हाँथ में है
हुस्न-ऐ-जमीला नक़ाब में है

ताबीर-ऐ-दीदार ख़्वाब में है
आशिक़ आपका खुमार में है

लड़खपन मेरी ज़बान में है
फिर भी ज़िक्र तेरा हर कलाम में है

फिर आवाज़ किस कम्भख्त ने दी
साहब आप ख्वाब में हैं

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:heart::heart:
Welcome to YoAlfaaz dear. :heart:

Welcome to YoAlfaaz family :blush:

Very nice interesting start @danish_javed
and
Welcome to YoAlfaaz family
Keep writing and sharing :slightly_smiling_face: