शायर का इश्क़

shayari

#1

साँसे ज़रा थम सी चली हैं
रिश्तेदारों को ज़रा ये संदेश दे आए
जनाज़ा उठाते वक़्त गौर से
मेरी कागज़ और कलम भी साथ ले आए
-अदिति


#2

Are yaar, sama dhaa diya tumne @Adity_Pathak
bahut khoob likha hai
and
A warm welcome to YoAlfaaz family


#4

Hume laga tha,
Apke shabd or Kalam nahi Marne wale…


#5

are wah, bohot khoob :slight_smile: