मोहब्बत का फुल

मोहब्बत का फुल कुछ यूँ मुर्झा गया
मेरे सारे सपनो को आँसूओ में बदल गया

मेरी ज़िंदगी की कश्ती को कुछ इस तरह डूबा गया
मुझे मेरे अपनो से और अपने-आप से बेगाना करा गया !

  • सलोनी गौडा
5 Likes

:heart::heart:

1 Like