बाबा ❤️

shayari
love
#1

बिन हौसले के तो देखा ही नहीं कभी,
मैंने जब भी देखा बाबा को मुस्कुराते हुए देखा |

कभी हारे नहीं
या माँ ने बताया नहीं कभी,
उन आँखों में दर्द था
बाबा ने जताया नहीं कभी |

तुम तो देखते रहे खिलौने अपने,
पुराने कपड़ो का राज़ तो दिखाया ही नहीं कभी |

ज़िन्दगी तो जैसे हम ही थे उनकी,
अपनी ज़िन्दगी का वुजूद तो बचाया ही नहीं कभी |

अकेले में बैठ कर कर लिया खुद से ही दुख ज़ाहिर,
हमारे सामने तो उनकी आँख में आँसू आया ही नहीं कभी |

उस मज़बूत दिल को जब छोड़ गया उसका बेटा ही अपना,
वो बाप फिर उस दिन से मुस्कुराया ही नहीं कभी |

6 Likes
#2

pehle to Welcome @arshi_ahmed here on YoAlfaaz

Dusra, tumhare post bahut interesting hai, mazedaar hai, or sabse main bahut khaas sandesh liye hai.
Is post ko padh kar last aate aate thoda dil udaas ho gya, Unka aalam dekh kar.

Bahut khoob likha hai tumne mere dost
and welcome once again

3 Likes
#3

Aap likhte kafi accha ho.
Likhte rahe

#4

very well penned… very nice… :clap:

1 Like
#5

Superb… perfectly penned…