इक बार

इक बार तुम मुझे प्यार लिख दो ,
फिर चाहो तो यू बेकरार लिख दो ।
मेरे हिस्से में कुछ आ रहा हो अगर
तो मुझे भी हिस्सेदार लिख दो ।
तुमसे मिलने की पाबंदी हट गयी हो तो
मुझसे मिलने को भी कोई इंतज़ार लिख दो ।
दिन मुकर्रर करने में इतनी परेशानी क्यों है
तुम तो चाहो तो अब रविवार लिख दो ।
है इश्क़ तो ये शर्माना कैसा ,
बेझिझक मोहब्बत का इज़हार लिख दो ।
तुम्हें इतना तो हक़ हमने बेशक़ दे रखा है
तुम चाहो तो किसी को भी बीमार लिख दो ।
सुना है मेरे नाम की अब गजलें लिखा करती है
अगर ऐसा ही है तो बार बार लिख दो ।
ख़ैर लिखती नही तुम तो कोई बात नही
मोहब्बत के लफ्ज़ ही तो दो चार लिख दो ।

~Haseeb Anwer

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Tum zor likhte ho,
pyaar ka izhaar karte ho
wo tumse pyaar karti hai,
ye baar baar likhti ho

nice post friend @Anwerhaseeb
and
Welcome to YoAlfaaz family
Keep writing and sharing :slightly_smiling_face:

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So well written. :heart:
Welcome to YoAlfaaz. :heart:
Keep writing. :heart:

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nice post…:+1:
Welcome to YoAlfaaz family…

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