इससे बुरा क्या ही होगा

जैसा कल था
वैसा आज नहीं होगा
कल अगर मुस्कुराये
तो शायद आज रोना होगा
और अगर बीते कल टूटकर बिखर चुके हो
फिर भी आज खड़े हो
तो मुबारक हो क्योंकि अब इससे बुरा क्या ही होगा।।

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Nicely penned

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sahi farmaya hai apne…:+1:

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Nice pinned

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