आज फिर तेरी याद आयी

आज फिर तेरी याद आयी…

एक अरसा हो गया तुझे याद किये , ना जाने क्यू आज तेरी याद आयी…
कई दिनों बाद आज फिर लबों पर जब मुस्कान आयी तो तेरी याद आयी।
दोपहर को लौटते वक़्त , तेरे खयालो में खोया बारिश की बूँदो में भीगा करता था , आज फिर उन बूँदो को बरसते देखा तो तेरी याद आयी।
घर की चौखट पर खड़े , चाँदनी जब चेहरे पर पड़ती तो मानो तूमने छुआ,
आज फिर चाँद को बादलो से झाँकते देखा तो तेरी याद आयी।
घर की उसी चौखट पर तेरी पसंद के फ़ूल जो तेरे जाने के बाद मूर्झा से गये थे, आज फिर उन फ़ूलो को खिलते देखा तो तेरी याद आयी।
एक अरसा हो गया तुझे याद किये , ना जाने क्यू आज फ़िर तेरी याद आयी…

3 Likes