ऐ बचपन तेरी याद आ रही है ...।

poem

#1

ऐ बचपन तेरी याद आ रही है …।

कोई पूछता है के मै कैसा हूँ ,
तन्हाईयों से ये आवाज़ आ रही है ।
चौंक कर बैठता हूँ उस दम ,
यह कौनसी निदा मुझे बुला रही है ।
के बचपन तेरी याद आ रही है …।

मॉसूमियत की चादर ओढ़े ,
जब सोया करता था मै ।
चंद खिलौनों को देख ,
जब रोया करता था मै ।
एक आज़ाद दिल था ,
एक अनोखी दुनिया थी ।
आज लबों से हंसी जा रही है ।
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है .,
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है …।

माँ के आँखों का तारा था मै ,
पापा के दिल का दुलारा था मै ।
अब वह दिलकश रिश्ता है टूट गया ,
कमबख़्त मै वालिदैन से जो रूठ गया ।
अब ओल्ड ऐज होम उनका गुज़ारा है ,
मुझे तो दौलत ही सबसे प्यारा है ।
लानत खाते हैं दुनिया वाले मुझपर ,
शर्मिंदा हूँ आज झुक जाता है मेरा सर ।
प्यार की डोरी अब टूटी जा रही है ,
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है …,
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है …।

आज वह दोस्तों का साथ न रहा ,
मोर वही है पर बरसात न रहा ।
वह टायर के पीछे दौड़ने वाले न रहे ,
वह पेड के नीचे छिपने वाले न रहे ।
वह मेरे दुःख मे रोने वाले न रहे ,
वह मेरी नादानियों पे हँसने वाले न रहे ।
आज बस कलम कागज़ वाले हैं,
वह कागज़ के राकेट उड़ाने वाले न रहे ।
दिल की बेचैनी तेरी दास्तान सुना रही है ,
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है .,
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है …।

अब ज़िंदगी की लौ भी बुझी जा रही है ,
मौत की घडी अब करीब आ रही है ।
इन् आख़री लम्हो मे भी ,
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है .,
ऐ बचपन तेरी याद आ रही है …।

       - Shaheer Rafi

#2

wakai wo bachpan alag hi tha pr wo wakt mud kr wapas nhi aa skta. Isliye is wakt to ji lo kyonki ye bhi lot kr nhi aayega :wink:


#3

Maine to life me 2-3 cheeze hi miss ki hai
unme se ek hai mera saraarati bachpan :joy::joy::joy:


#4

Kamal karte ho @Shaheer_Rafi kitna accha likhte ho yr tum.