तन्हाई...।

one-liner
serious

#1

तनहा इंसान सबसे ख़ुश नसीब होता है ,
क्योंकि बादशाहीयत तन्हाई पसंद करती है ।

                   - शाहीर रफ़ी 

" Kingship knowns ,no kinship ".

  • Sultan Alauddin khilji .
    अगर सारे ख़ून के रिश्तों - नातों को तोड़ कर ,बादशाहीयत को सबसे ऊपर रखने वाला अलाउद्दीन ख़िलजी ,दुनियावी सल्तनत का ज़िल-ए-इल्लाही बन सकता है । तो ज़रा सोचों जो ,सारे मख़लूकी बंधन से अलग ,तनहा ,अकेला सफर करनेवाला दरवेश(mendicant)कितने सल्तनतों पर राज करता होगा । यह सल्तनत करोड़ों दिलों के रास्ते से गुज़र कर क़ायम हुई होगी ।माना कि इंसान एक सामाजिक जिव है (Social being) और समूह से अलग चलना इसका स्वाभाव कदापि नहीं है ।लेकिन ,समूह में शामिल रहकर भी वह अलग और खुश मिजाज़ रह सकता है। यह फ़कीरी ही ,दिलों की बादशाहीयत है । एक ऐसा कारगर दिल ,जो मुहब्बत का सरमाया हो ,वह दिलों पे राज न करेगा ,तो किसपर राज करेगा ।और यही बात है कि तन्हाई भी एक नेमत बन सकती है ,अगर उसको फ़कीरी का चोला पहना दिया जाए ।ग़नी है वह लोग जो परूपकार के तक्त पर विराजमान हैं ।इसी बात पर यह दो पंक्तियां मुलायज़ा फरमाएं ।

Word meanings :
ज़िल-ए-इल्लाही- shadow of God on earth ,a Medieval epithet for Delhi Sultanate kings.
मख़लूकी - materialistic, corporeal.
कारगर - असर करनेवाला /प्रभावकर /effective.
सरमाया - wealth, धन- दौलत,
capital.
नेमत - boon, beneficence,gift, तोहफ़ा ।
ग़नी - बरकत वाला /blessed.


#2

ye ek sach hai lekin sach kadwa bhi hota hai.
Koi cheez ho, or dusra use karna bahut fark hai dono me.