एक खामोश रात

खामोश रात में कोई हमारा चेहरा याद कर मुस्कुराता है,
हमारी चाहतों की गलियों में वो अपनी राहते पा लेता है।
हमारी धड़कन में उसके कहीं राज खुलते हैं,
उनके दिल तक हमारे दिल के कहीं साज पिघलते हैं।।
उनकी बाहों में हम रातें खोजते हैं,
उन्हीं की रातों में हम बातें ओढ़ते हैं,
रातों में उन्हें पाने की तमन्ना रखते हैं,
अंधेरों में उन्हें चाहने के अफसाने बुनते हैं।
उनकी खनखनाती बातों में हरफ ढूंढते हैं,
उन्हीं की गुनगुनाती रातों में हम लवज चूनते हैं।।

हम मौसम में,
हर शहर में हम मिले,
हर समय की दोपहर में हम मिले,
कुछ नजदीक रातों में हम जुड़े,
कई नादान सी दूरियों में हम दिल से दूर करे।।
दिल का परिंदा इस कदर बेसबर है,
हर बार तेरी आहट की ओर बढ़ता चला जाता है।।

-wordsbyritti

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